Paytm, Google Pay, PhonePe अब ये सब इस्तेमाल करते होंगे तो अब पैसे देने होंगे |
क्या UPI से पेमेंट करना अब महंगा होगा? जानें डिजिटल पेमेंट बिल 2026 और MDR चार्जेस का पूरा सच
आज के डिजिटल दौर में चाय की दुकान से लेकर बड़े मॉल तक, हम सब Paytm, Google Pay और PhonePe का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज़ हो गई है कि क्या UPI का मुफ्त दौर खत्म होने वाला है?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद के मानसून सत्र (4 अगस्त 2026) में The Taxation Laws (Amendment) Bill, 2026 पेश किया गया। इस बिल के सामने आने के बाद डिजिटल पेमेंट पर लगने वाले शुल्क (MDR Charges) को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं।
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि इस नए संशोधन बिल का आम जनता और बड़े कारोबारियों पर क्या असर पड़ेगा।
क्या है यह नया संशोधन बिल (The Taxation Laws Amendment Bill 2026)?
- Zero MDR व्यवस्था क्या थी? जनवरी 2020 में केंद्र सरकार ने UPI और RuPay डेबिट कार्ड पर MDR शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया था। इसके तहत दुकानदारों और आम ग्राहकों को UPI लेन-देन पर कोई अतिरिक्त टैक्स या चार्ज नहीं देना पड़ता था।
- अब क्या बदलेगा? नए नियम लागू होने के बाद सरकार को हर बार कानून बदलने की जरूरत नहीं होगी। सरकार और RBI गजट नोटिफिकेशन जारी करके यह तय कर सकेंगे कि कौन-से पेमेंट मोड फ्री रहेंगे और किन पर शुल्क लगेगा।
Zero MDR नीति में बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?
वित्त पर बनी संसदीय समिति (Parliamentary Standing Committee) की रिपोर्ट के अनुसार, स्थायी रूप से Zero MDR लागू रखने के कारण बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (जैसे Google Pay, Paytm, PhonePe) के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्वर सिक्योरिटी को बनाए रखना आर्थिक रूप से मुश्किल हो रहा था।
जुलाई 2026 में UPI ने ₹29.9 लाख करोड़ के लेन-देन (लगभग 23.66 अरब ट्रांजैक्शन) का नया ऑल-टाइम रिकॉर्ड बनाया है। इतने बड़े नेटवर्क को सुरक्षित और बिना किसी तकनीकी खराबी के चलाने के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और फंड की आवश्यकता होती है।
क्या आम लोगों (UPI Users) को चार्ज देना होगा ?
नहीं, आम UPI यूजर्स पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा ।
प्रस्तावित नियमों के तहत:
- P2P Transfer (पर्सन टू पर्सन): यदि आप अपने दोस्तों, रिश्तेदारों या परिवार के सदस्यों को पैसे ट्रांसफर करते हैं, तो वह पूरी तरह से मुफ्त रहेगा।
- छोटे व्यापारी (Small Merchants): स्थानीय किराने की दुकान, सब्जी वाले या चाय की दुकान पर QR कोड स्कैन करके किया गया भुगतान पहले की तरह फ्री रहेगा।
किन पर लागू होगा प्रस्तावित MDR शुल्क?
यह शुल्क मुख्य रूप से बड़े कॉर्पोरेट और ई-कॉमर्स मर्चेंट्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है:
- सालाना टर्नओवर सीमा: यह केवल उन मर्चेंट्स पर लागू करने का प्रस्ताव है जिनका सालाना टर्नओवर ₹1.5 करोड़ से ₹50 करोड़ या उससे अधिक है।
- ट्रांजैक्शन सीमा: यह शुल्क केवल ₹2,000 या ₹3,000 से अधिक के बड़े भुगतानों पर लगाया जाएगा।
- प्रस्तावित MDR दर: शुल्क 0.25% से लेकर 0.50% तक हो सकता है।
RuPay क्रेडिट कार्ड UPI भुगतान का नियम
RuPay क्रेडिट कार्ड को UPI से लिंक करके किए जाने वाले ट्रांजैक्शन पर पहले से ही MDR लागू है, क्योंकि इसमें बैंक अकाउंट की जगह क्रेडिट लाइन का इस्तेमाल होता है। ऐसे ट्रांजैक्शन पर बड़े मर्चेंट्स 1.1% से 2% तक MDR चुकाते हैं। हालांकि, ₹2,000 से कम के भुगतानों पर छोटे कारोबारियों को इसमें छूट दी गई है।
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